
शाहदरा रेलवे स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो कर्मचारी पंकज धामा की हत्या, मुजफ्फरनगर से 8 आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो के कर्मचारी पंकज धामा की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में जीआरपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया, जहां वे वारदात के बाद फरार होने की कोशिश कर रहे थे।
मामूली विवाद के बाद हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, बागपत के खेकड़ा निवासी पंकज धामा पिछले 13 वर्षों से दिल्ली मेट्रो में कार्यरत थे। शुक्रवार रात ड्यूटी पूरी करने के बाद वह शनिवार सुबह करीब 6 बजे योगा एक्सप्रेस ट्रेन से अपने घर लौट रहे थे। शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर ट्रेन से उतरते समय कुछ युवकों से उनकी कहासुनी हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गया और आरोपियों ने पंकज धामा की लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई कर दी।
अस्पताल में हुई मौत
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल पंकज धामा को तत्काल जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
जीआरपी की त्वरित कार्रवाई
वारदात के बाद आरोपी ट्रेन के जरिए फरार होने की कोशिश कर रहे थे। जीआरपी ने जांच और निगरानी के आधार पर मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन से 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
परिजनों ने उठाए सवाल
घटना का वीडियो सोशल Media पर वायरल होने के बाद परिजनों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। मृतक के पिता राजेंद्र सिंह धामा का आरोप है कि यदि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी समय रहते हस्तक्षेप करते, तो उनके बेटे की जान बचाई जा सकती थी।
उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पंकज धामा अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी, दो छोटे बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता हैं। परिजनों का कहना है कि दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो समाज में उदाहरण बने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
