यहाँ एक महिला सहित चार लोगो ने विजिलेंस के अधिकारी बन मारा छापा, एक लाख रूपये ले उड़े, पुलिस की हिरासत में……

ख़बर शेयर करें -

हल्द्वानी। हल्द्वानी यहाँ कुछ लोगो ने एक घटना को फ़िल्मी अंदाज़ में इस तरह अंजाम दिया की सरकारी कर्मचारी को ही चूना लगा यह लोग फरार हो गए आपको बोलीवुड की फिल्म स्पेशल 26 तो याद ही होगी, आपको बता दें यह मामला हल्द्वानी का है यहाँ  मुख्य अभियंता सिंचाई विभाग कार्यालय कालाढूंगी रोड में प्रधान सहायक के पद में तैनात उमेश चन्द्र कोठारी से चार लोगों ने विजिलेंस का अधिकारी बनकर एक लाख रुपये ठग लिए।

 

 

आरोपियों ने प्रधान सहायक को कुछ वीडियो भी दिखाए। पैसा नहीं देने पर ट्रैप करने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। प्रधान सहायक की तहरीर पर पुलिस ने महिला सहित चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधान सहायक उमेश चंद्र कोठारी ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि बृहस्पतिवार दोपहर करीब 11:30 बजे एक महिला सहित चार लोग उनके दफ्तर पहुंचे। आरोपियों ने अपने आप को विजिलेंस अधिकारी बताया। एक आरोपी ने अपने मोबाइल में उसके कुछ टेप किए हुए आधे-अधूरे वीडियो दिखाए।

 

 

विजिलेंस कार्ड दिखाते हुए धमकाया। उन्होंने कहा कि एक लाख रुपये देने पर वह मामला रफा-दफा कर देंगे। ऐसा नहीं करने पर वह उसे फंसा देंगे। साथ ही वीडियो भी वायरल कर देंगे। कहना है कि वह आरोपियों की धमकियों से डर गए। एक आरोपी के साथ बाइक में जाकर अपने बैंक से 70 हजार रुपये निकाले। एक दोस्त से 30 हजार रुपये उधार लिए और आरोपियों को एक लाख रुपये की रकम दे दी। कहना है कि डर के चलते वह पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करा पाए।बताया कि आरोपी यूएस नगर नंबर की सफेद कार से आए थे। एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है।हल्द्वानी। हल्द्वानी और रुद्रपुर का एक बड़ा गैंग इस पर काम कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि पहले कुछ लोग ठेकेदार बनकर आते हैं। उनके पास हिडन कैमरा होता है। वह एक सप्ताह तक अधिकारियों और बाबुओं से दोस्ती करते हैं।

 

 

इस दौरान उन्हें गिफ्ट, मिठाई आदि भी दी जाती है। इसके बाद वे ठेका लेने की बात करते हैं। ठेका कैसे मैनेज किया जाता है, इसकी जानकारी भी लेते हैं। विभाग में कितना प्रतिशत कमीशन जाता है इसके बारे में भी पूछते हैं। इस पूरे खेल को कैमरे में रिकार्ड कर लेते हैं।इसके बाद अधिकारियों को ब्लैक मेल किया जाता है और उनसे भारी भरकम पैसे की डिमांड की जाती है। पैसा नहीं देने पर वीडियो वायरल करने और पोर्टल, टीबी चैनल पर चलाने की धमकी दी जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *