उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद भारी तबाही,, हरिद्वार के तमाम अधिकारी अलर्ट मोड़ पर |

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हरिद्वार (वंदना गुप्ता) आज उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद भारी तबाही और जान माल के नुकसान से लोगो को बचाने के लिए और हरिद्वार में गंगा के जलस्तर में होने वाली बढ़ोतरी को देखते हुए हरिद्वार में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है पुलिस प्रशासन आपदा प्रबंधन टीम बाढ़ चौकियों के साथ संबंधित विभाग हरिद्वार में अलर्ट मोड़ पर है अलर्ट को देखते हुए खुद एसएसपी हरिद्वार सिटी मजिस्ट्रेट यूपी सिचाई विभाग के कई अधिकारी आज हरिद्वार के भीम गोडा बैराज पहुचे और गंगा के जलस्तर का जायजा लिया भीमगोडा बेराज पर गंगा का जल स्तर बढ़ने की पूरी संभावना है और लगभग 3 बजे के आसपास निचले इलाकों में गंगा नदी का जल स्तर बढ सकता है वही हरिद्वार में कुम्भ मेले के मद्देनजर कई निर्माण गंगा तट और गंगा क्षेत्र में कुम्भ मेला प्रशासन द्वारा कराए गए है या गतिमान है यह सभी कार्य भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से ध्वस्त होने की संभावना जताई जा रही है भीमगोडा बैराज पर गंगा के जलस्तर का जायजा लेने पहुचे हरिद्वार के सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल का कहना है की जैसे है सूचना प्राप्त हुई हमारे द्वारा तहसीलदार को अपना सभी स्टाफ को अलर्ट करने के लिए कहा गया है सभी पुलिस थानों और चौकियों को भी अलर्ट मोड़ पर रखा गया है जिलाधिकारी हरिद्वार द्वारा खुद जमीनी स्तर पर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है गंगा के तटवर्ती इलाको में रहने वाले लोगो को भी प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुचाया जा रहा है गंगा के जलस्तर में होने वाली बढ़ाती की संभावनाओं को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार भी जमीनी स्तर पर स्थितियों का जायजा ले रहे है एसएसपी हरिद्वार सेंथिल अबुदई कृष्ण राज एस का कहना है कि हम इस घटना के लिए पूरी तरह तैयार है सभी थानों और चौकियों को प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है साथ ही प्रशासन के साथ मिलकर पुलिस टीम को सभी तटवर्ती इलाको में रहने वाले लोगो को सुरक्षित स्थानों पर पहुचने के भी निर्देश दिए गए है सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है सिचाई विभाग के साथ लागातर संपर्क रखा जा रहा है हमारी तैयारियां पूरी है तटवर्ती इलाको में रहने वाले लोगो को मुनादी के माध्यम से भी सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा जा रहा है वही इस घटना पर कुम्भ मेलाधिकारी दीपक रावत का कहना है कि जैसे ही इस घटना की सूचना प्राप्त हुई थी तभी से मेला प्रशासन ने पौड़ी टिहरी और चमोली जिले के प्रशासन से संपर्क बनाया हुआ है कुम्भ मेले के जितने भी कार्य जारी है वहा से सभी लोगो को हटा दिया गया है यूपी सिचाई विभाग से भी लगातार जानकारी ली जा रही है सिचाई विभाग के अधिकारी जलस्तर पर नज़र बनाए हुए है इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए पर्व और मेले के दौरान सरकार द्वारा जारी की गई एसओपी के अनुसार कार्य किया जा रहा है इस घटना का प्रभाव क्या होगा यह अभी बताना मुश्किल है मेले के दौरान सभी फ़ोर्स और साधु संत गंगा के किनारे ही वास करते है बावजूद उंसके मुझे नही लगता है कि नीलधारा गौरीशंकर क्षेत्र में इस घटना का ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।

 

 

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