कलयुगी मां ने नवजात शिशु को खेत में फेका

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रुद्रपुर (एम सलीम खान) (खेत स्वामी ने शिशु को पहुंचाया अस्पताल चिकित्सकों ने कहा शिशु की हालत में सुधार) कलयुग के इस युग में एक निर्मोही कलयुगी मां ने प्रसव के बाद अपने नवजात शिशु को खेत में फेंक दिया। कलयुगी मां ने किस तरह अपने कलेजे के टुकड़े को खुद से दूर किया होगा यह तो वह कलयुगी मां ही जाने। शिशु के रोने की आवाज सुनकर लोग चकित रह गए। वही एक व्यक्ति ने अनन फनन में शिशु को अस्पताल पहुंचाया। सरकारी अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक शिशु की हालत में सुधार है। मंगलवार की दोपहर करीब दो बजे ग्राम ढकिया गुलाबों निवासी प्रमोद कुमार अपने खेत पर पहुंचे तो उन्होंने देखा खेत में एक नवजात शिशु रो रहा था। यह देख प्रमोद कुमार के होश फाख्ता हो गए। वही नवजात शिशु के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया गया था। सूचना पर टांडा उज्जैन पुलिस के साथ वह शिशु को लेकर काशीपुर के सरकारी अस्पताल एलडी भट्ट अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ राजीव पुनैठा की देखभाल में स्टाफ नर्स शाजिया और पिंकी कम्बोज ने शिशु की साफ सफाई कर नाल काटी और उपचार शुरू कर दिया। वही शिशु को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। स्टाफ ने नवजात शिशु को हीट वार्मर पर रखा। जिसके बाद धीरे-धीरे शिशु के स्वास्थ्य में सुधार आया और उसे सांस लेने में राहत मिली। वही अस्पताल स्टाफ ने भी राहत की सांस ली। डा पुनैठा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिशु करीब दो बजे अस्पताल लाया गया था। उस समय शिशु को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। वार्मर पर रखकर स्टाफ नर्स उसका उपचार कर रही है। अब शिशु की हालत स्थिर है। वही उसे दूध भी पिलाया जा रहा है। शिशु का वजन करीब सवा दो किलोग्राम है। जबकि सामान्य शिशु का ढाई किलोग्राम होता है। सहायक नर्सिंग अधीक्षका नीना खान ने बताया कि तुरंत का शिशु जन्मा हुआ है। जिसे प्रवास के तुरंत बाद फेक दिया गया। शिशु की नाल भी अस्पताल में काटी गई है। कलयुगी मां ने किस तरह अपने कलेजे को टुकड़े को खुद से दूर किया होगा इसका अंदाजा तो उस मां से पूछा जाए जो बाझ होने के ताने सुन रही हों। खबर लिखने पर हमारे भी रोंगटे खड़े हो गए। लेकिन समाज की हर बुराई और अच्छाई से अपने श्रतोओ को अवगत कराना हमारा फर्ज है।

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