सौ से अधिक शोध पर प्रस्तुत होने के उपरांत राष्ट्रीय कांफ्रेंस का समापन समारोह…..

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जयहरीखाल- भक्त दर्शन राजकीय स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय जयहरीखाल में राष्ट्रीय कांफ्रेंस के दूसरे दिन आज शनिवार को विज्ञान व्याख्यान श्रृंखला सेमिनार मे डॉ0 सीमा रावत भौतिक विभाग जाकिर हुसैन कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय ने ब्रह्मांड के रहस्यों व मौलिक कणों के अध्ययन पर विस्तार से बताया,डॉ0 सीमा रावत के अनुसार ब्रह्मांड के सारे पदार्थ कुछ मौलिक कणों से मिलकर बने हैं, जिन्हे फíमऑन (लेप्टॉन एवं क्वार्क) और बोसॉन में वर्गीकृत किया जा सकता है।

इनमें से क्वार्क एकजुट होकर सम्मिश्र कण बनाते हैं जिन्हे हेड्रॉन कहते हैं! वहीँ डॉ0 इंदिरा दून विश्वविद्यालय ने फ्रैंकटल पैटर्न की अप्लीकेशन भिन्न भिन्न क्षेत्र मे है, प्रकृति मे फ्रैंकटल पैटर्न फार्मेशन की प्रक्रिया के बारे मे विस्तार से समझाया!वहीँ प्रो0अरुण सिंह रावत हे0न0ब0गढ़वाल विश्वविधालय पौड़ी परिसर द्वारा इलेट्रोमैगनेटीक डुवेंलिटी एवं क़्वाटरनिओनस के बारे मे चर्चा की! वहीँ डॉ0 चिरंजीत माँजी क़्वाटम यूनिवर्सिटी रुड़की ने ध्वनि के वेग निकलने के विधि के बारे मे बताया, डॉ0 प्रतीक शर्मा, रानीखेत ने आईन्सटीन के सापेक्षिता सिद्धांत के बारे प्रकाश डाला । सेमिनार के दूसरे तकनीकी सत्र की आयोजक डॉ विनीता देवी रही

जिसकी अध्यक्षता प्रो पीयूष सिन्हा ने की । प्रथम व्याख्यान में डॉ रश्मि उनियाल बड़कोट ने ब्लैक होल के भौतिक महत्व पर विस्तृत चर्चा की । डॉ गरिमा पुनेथा, पिथौरागढ़ ने क्वांटम क्रोमो डायनामिक्स के मूलभूत सिद्धांत पर प्रकाश डाला ।  डॉ0 महिमा गुरुकुल कागड़ी हरिद्वार एवं डॉ0हेमलता व सौम्या द्वारा पोस्टर माध्यम द्वारा बिभिन्न आयामों को दर्शया गया! सेमिनार में उत्कृष्ट प्रस्तुति हेतु डॉ गौरव उपाध्याय, डाॅ हेमलता बिष्ट, डॉ इलियास, डॉ हेमलता एवम् भास्कर को बेस्ट प्रेजेंटेशन अवॉर्ड दिया गया ।

 

कार्यक्रम के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए, प्राचार्य प्रो एल आर राजवंशी ने कांफ्रेंस में प्रतिभाग करने वाले समस्त शोध छात्रों, वैज्ञानिकों एवम् प्राध्यापकों को शुभकामनाएं प्रेषित की एवम् कहा की आयोजित कांफ्रेंस निश्चित रूप से विज्ञान के सैद्धांतिक एवम् प्रायोगिक पहलुओं को विस्तार से समझने में उपयोगी सिद्ध होगी । समापन समारोह में प्रो अरुण सिंह रावत, प्रो सीमा रावत, प्रो संजय कुमार एवम प्रो एस पी मधवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम संयोजक डॉ0 कमल कुमार एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ0 शुभम काला ने बताया की सेमिनार में देश व प्रदेश के विभिन्न भागों से भौतिक विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों सहित स्नातकोत्तर छात्रों, पीएचडी छात्रों, संकाय सदस्यों और वरिष्ठ प्रोफेसरों सहित 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये! समापन समारोह का संचालन डॉ कमल कुमार द्वारा किया गया जिसमें कांफ्रेंस की विस्तृत रिपोर्ट भी उनके द्वारा प्रस्तुत की गई।

 

डॉ शुभम काला ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए समस्त महाविद्यालय परिवार सहित समस्त प्रतिभागियों का धन्यावद अर्पित किया तथा यूसर्क एवम् यूकास्ट द्वारा प्राप्त सहयोग हेतु इनका आभार व्यक्त किया । इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवम् अन्य विभिन्न संस्थानों के शोध छात्र, प्राध्यापक उपस्थित रहे ।

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