इसे कहते हैं कुछ कर गुजर जाने की चाह और मां सरस्वती का आशीर्वाद-दीपक बाली,जिन हाथों में शहर की कमान थी उन्होंने नहीं किया कुछ-बाली

 

 

इसे कहते हैं कुछ कर गुजर जाने की चाह और मां सरस्वती का आशीर्वाद-दीपक बाली

जनता के 14 फरवरी को मिलने वाले आशीर्वाद से कैसा काशीपुर बनाएंगे-बाली

जिन हाथों में शहर की कमान थी उन्होंने नहीं किया कुछ-बाली

काशीपुर की न सिर्फ राष्ट्रीय पहचान को खो दिया बल्कि दुर्दशा भी की खराब-बाली

 

काशीपुर-(सुनील शर्मा) इसे कहते हैं कुछ कर गुजर जाने की चाह और मां सरस्वती का आशीर्वाद। आज जब आम आदमी पार्टी के विधायक प्रत्याशी दीपक बाली काशीपुर डेवलपमेंट फोरम के मंच पर बोलने खड़े हुए तो वें काशीपुर की जनता के 14 फरवरी को मिलने जा रहे आशीर्वाद से कैसा काशीपुर बनाएंगे इस पर बोलते हुए उन्होंने सभी को भावविभोर कर दिया। दीपक बाली ने कहा कि अभी तक जिन हाथों में शहर की कमान थी उन्होंने कुछ नहीं किया और काशीपुर की न सिर्फ राष्ट्रीय पहचान को खो दिया बल्कि उसे ऐसी दुर्दशा में धकेल दिया कि दूसरे शहरों के लिए विकास का पर्याय कहा जाने वाला काशीपुर आज अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है

 

और महानगर से अब एक कस्बा बनकर रह गया है। न बेहतर स्कूल हैं ना बेहतर शिक्षा और न अस्पताल क्या होगा इस काशीपुर का ?अब इसका भविष्य केवल जनता और आप बुद्धिजीवियों के हाथ में है। आप जैसा काशीपुर चाहेंगे और मुझे स्नेह सहयोग और आशीर्वाद देंगे तो मैं विश्वास दिलाता हूं कि ऐसा ही काशीपुर बना कर दूंगा जैसा आप चाहते हैं। अब से पूर्व भी प्रत्याशियों ने अपने-अपने विचार रखे मगर वह इतना प्रभाव नहीं छोड़, दीपक बाली आज कुछ इस तरह से बोले जैसे कि शिकागो में दिए भाषण में स्वामी विवेकानंद बोले थे, दीपक बाली के विचार वहां मौजूद लोगों ने सुनकर उनकी प्रशंसा की। जिसने भी उनके विचार सुने वह उनका कायल हो गया।

 

इस कार्यक्रम में क्षेत्र के तमाम बुद्धिजीवी उद्योगपति चिकित्सक शिक्षक व्यापारी प्रगतिशील किसान वकील एवं शहर के तमाम गणमान्य नागरिक आदि सभी थे और सभी ने दीपक बाली के विचारों की सराहना की। कायस्थ महासभा ने आज दीपक बाली की नीतियों से प्रभावित होकर उन्हें अपना समर्थन दे दिया।उधर दीपक बाली ने सभी को झकझोर कर रख दिया कि काश आप लोग अच्छे जनप्रतिनिधि चुनते तो आज आपको शहर की बिगड़ी दशा पर मंथन करने की जरूरत ही नहीं पड़ती । जिस दिन आप लोग विधायकों से उनके काम के बारे में बात करने लगेंगे उस दिन विधायक सुधर जाएंगे।उन्होंने कहा कि समाजसेवा तों मै राजनीति में आने से पहले से कर रहा हूं मगर मैंने कभी समाज सेवा को बेचा नहीं ।

 

शिकागो में दिए भाषण में स्वामी विवेकानंद की तरह बोले ,दीपक बाली जिसे सुन मुरीद हो लोग आपने दूसरे उम्मीदवारों के भी चेहरे देखे होंगे तो मेरा अनुरोध है कि काबलियत और काम करने का मादा देखकर वोट देना वरना इस शहर का कोई भला नहीं हो पाएगा ।काशीपुर आज भयंकर दौर में खड़ा है और उसे इस संकट से बाहर निकालने की जिम्मेदारी आप सभी की है। मुझे उम्मीद है कि आप अपनी जिम्मेदारी पर खरा उतरेंगे और 14 तारीख का दिन होगा और चुनाव चिन्ह झाड़ू होगा। इसी झाड़ू से शहर की निकम्मी व्यवस्था को साफ किया जाएगा और काशीपुर को आपके सपनों का शहर बनाने में कोई कमी नहीं छोडूंगा उन्होंने कहा कि दूसरे दलों को कौन से पंडित जी ने बता दिया कि उनकी सरकार आने वाली है ।

 

अगर ऐसा है तो फिर बाकी क्यों चुनाव लड़ रहे हैं? सरकार किसी की भी आ सकती है और यदि मेरी सरकार ना भी आई तो मैंने जो 11 गारंटी दी है विश्वास दिलाता हूं उन्हें अवश्य पूरी कराऊंगा क्योंकि मेरी मनसा काम करने की है न कि जनता को बहका कर वोट लेने की। जिला बनाए जाने की गारंटी आम आदमी पार्टी की सरकार आने पर अवश्य पूरी होगी और यदि हमारी सरकार भी ना आई तो जो भी मुख्यमंत्री होगा मैं उसकी नाक में दम कर दूंगा ताकि काशीपुर का विकास हो और जलभराव की समस्या से लोगों को निजात मिले।