पॉक्सो केस: माननीय उच्च न्यायालय से मुकेश सिंह बोरा को जमानत, लेकिन शर्तें बना सकती हैं नई मुश्किल!

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नैनीताल – उत्तराखंड के माननीय उच्च न्यायालय ने पॉक्सो और दुष्कर्म के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे नैनीताल दुग्ध संघ, लालकुआं के अध्यक्ष मुकेश सिंह बोरा को सशर्त जमानत दे दी है। यह मामला बेहद गंभीर इसलिए भी है क्योंकि अभियुक्त पर आरोप है कि उसने एक विधवा महिला को नौकरी का झांसा देकर होटल में बुलाया, जबरन दुष्कर्म किया और फिर अश्लील वीडियो बनाकर धमकाया।

यही नहीं, पीड़िता की नाबालिग बेटी के यौन उत्पीड़न के भी आरोप लगे हैं, जिसके चलते पॉक्सो अधिनियम की धारा 9(m)/10 जोड़ी गई। एफआईआर (संख्या 170/2024, थाना लालकुआं) के अनुसार, अभियुक्त पर धारा 376(2)(n) (दुष्कर्म), 506 (धमकी) और पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज था।

माननीय उच्च न्यायालय ने जमानत के बदले कड़े आदेश दिए:

1.अभियुक्त जांच में पूरा सहयोग करेगा।

2.वह पीड़िता या उसकी नाबालिग बेटी से किसी भी तरह का संपर्क नहीं करेगा।

3.देश छोड़ने पर सख्त पाबंदी रहेगी, पासपोर्ट न्यायालय में जमा करना होगा या हलफनामा देना होगा।

अब बड़ा सवाल – क्या अभियुक्त इन शर्तों का पालन करेगा या कानूनी शिकंजा और कसेगा?

माननीय उच्च न्यायालय ने साफ कर दिया है कि यदि अभियुक्त शर्तों का उल्लंघन करता है, तो उसकी जमानत तुरंत रद्द हो सकती है। अब सभी की नजरें अगली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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