रेलवे आज तक सिविल कोर्ट, हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट में भी अपने दस्तावेज़ नहीं कर पायी पेश , हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीक़ी….

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दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट में रेलवे अतिक्रमण मामले में सुनवाई के बाद इस मामले में मुख्य पिटिश्नर समाजवादी पार्टी उत्तराखण्ड प्रदेश प्रभारी हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीक़ी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आज हम लोगों को बड़ी उम्मीद थी कि राज्य सरकार और रेलवे अपना जवाब दाखिल करेगी ।लेकिन दोनों ही ने पहले एप्लिकेशन के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट से चार सप्ताह का समय माँगा फिर कोर्ट में ही ज़बानी 8 सप्ताह का समय माँग लिया जिसे स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 2 मई तक का समय दिया है। सिद्दीक़ी ने कहा कि रेलवे नातो सिविल कोर्ट में नहीं हाईकोर्ट में और ना अभी तक सुप्रीम कोर्ट अपने दस्तावेज़ ,नक्शे, गजट् नॉटिफ़िकेशन, अपना प्लान कुछ भी सममिट नहीं कर पायी है।

 

 

जिससे साफ़ ज़ाहिर होता है।रेलवे की अभी तक जितनी कार्यवाही थी चाहे उसमें सीमांकन का मामला हो या कोई अन्य प्लान सब हवा हवाई था। श्री सिद्दीक़ी ने कहा ऐसे किसी के भी घर तोड़ने से क्या फ़ायदा होगा ।उन्होंने कहा राज्य सरकार ,केन्द्र सरकार,व रेलवे को आगे बड़ कर लोगों की मद्द करनी चाहिए यदि रेलवे कुछ विकास करना चाहता है तो जितनी भूमि की उनेह आवश्यकता है।पहले राज्य एव केन्द्र सरकार से उतने क्षेत्र के लोगों की पुर्निवास की व्यवस्था होनी चाहिये उसके बाद ही उन्हँ वहाँ से हटाया जाना चाहिये ।आख़िर वह लोग भी इंसान हैं।और इसी देश के नागरिक हैं।प्योर हिंदुस्तानी हैं।

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