अलका जोहरी हत्याकांड में मृतका के भाई ने डीजीपी को पत्र भेजा

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काशीपुर (सुनील शर्मा) काशीपुर के कुंडा थाना क्षेत्र में करीब दो माह पूर्व सनसनीखेज तरीके से घटित अलका जोहरी हत्याकांड मामले की विवेचना कर रहे तत्कालीन कुंडा थानाध्यक्ष पर लाखों की ज्वेलरी गायब करने तथा केस की विवेचना में लीपापोती का प्रयास करने तथा हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों को बचाने का मृतका अलका के भाई ने आरोप लगाते हुए प्रदेश के डीजीपी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई हैआइटीआइ थाना क्षेत्र के वैशाली कॉलोनी निवासी अनुज जौहरी पुत्र अभय कुमार जौहरी ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को भेजे पत्र मेंं कहा है कि बीते 16 जनवरी को अपराहन 12 बजे उसकी 40 वर्षीय बहन अलका जोहरी नौकरी के साक्षात्कार के लिए मुरादाबाद गई थी । दूसरे दिन 17 जनवरी को कुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम मिस्सरवाला में पुलिया के नीचे उसका शव बरामद हुआ। इस मामले में 18 जनवरी को मृतका के भाई की तहरीर के आधार पर मझोला मुरादाबाद निवासी जोगिंदर सिंह पुत्र सीताराम के खिलाफ कुंडा थाने में धारा 302 आईपीसी के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत करते हुए अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लाखों की ज्वैलरी बरामद की थी। बताया कि पुलिस की कड़ी पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। पूछताछ में उसने यह भी बताया कि 20 तोला सोना और 20 छोटे हीरे के नग उसने नदी में फेंक दिए, जबकि आभूषण व हीरे जैसी चीज नदी में फेंकना व्यावहारिक नहीं है और ना ही इसका कोई औचित्य है और तत्कालीन थानाध्यक्ष ने मृतका के मोबाइल फोन की सीडीआर भी शिकायतकर्ता को दिखाई थी, जिससे स्पष्ट होता है कि उसकी बहन आरोपी जोगिंदर के साथ धामपुर, बिजनौर, पीरुमदारा, नैनीताल, बन्नाखेड़ा, बाजपुर तथा टांडा रामपुर गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विवेचना के दौरान पुलिस यह पता करने की कोशिश नहीं कर रही है कि उसकी बहन को अभियुक्त उक्त स्थानों पर क्यों ले गया। शिकायतकर्ता मृतका के भाई ने डीजीपी को भेजे पत्र में यह भी बताया कि अलका जोहरी हत्याकांड में जेल भेजा गया जोगेंदर सिंह अपने मौसेरे भाई रामपाल सिंह उर्फ राजपाल के साथ मिलकर काम करता था। शिकायतकर्ता ने पत्र में साफ कहा कि बकाया ज्वैलरी व 20 छोटे हीरे तत्कालीन विवेचक द्वारा गायब कर दिए गए हैं, इसी वजह से हत्याकांड की जांच सही दिशा में नहीं हो पा रही है। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि वर्तमान में विवेचक बदल दिए गए, लेकिन उनके द्वारा भी मामले की सही विवेचना नहीं की जा रही है। शिकायतकर्ता ने डीजीपी से मांग की है कि हत्याकांड की पारदर्शी तरीके से जांच की जाए, ताकि गायब सोने व हीरे के आभूषण प्राप्त हो सकेंं तथा नामजद अभियुक्त के साथ हत्याकांड में लिप्त अन्य चेहरों को भी प्रकाश में लाया जा सके।

 

 

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