मुआवजे को लेकर बजाज मोटर्स में बवाल, पूर्व विधायक के हस्तक्षेप से सुलझा मामला, सुशील गाबा

रूद्रपुर से बड़ी खबर —रेलवे पटरी के पास ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले बजाज मोटर्स कर्मचारी सुरेश प्रसाद के मामले ने मंगलवार को तूल पकड़ लिया। कंपनी प्रबंधन के कथित गैर-जिम्मेदाराना रवैये से नाराज़ श्रमिकों ने सामाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन किया।
सुबह पोस्टमार्टम के बाद करीब 10:30 बजे मृतक का शव लेकर श्रमिक बजाज मोटर्स प्लांट पहुंचे और गेट के सामने धरना शुरू कर दिया। श्रमिकों ने मृतक के पुत्र इंद्रजीत को स्थायी नौकरी और 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग उठाई।
गेट पर भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती के बावजूद श्रमिक पीछे नहीं हटे, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। एक ओर श्रमिक और सुशील गाबा डटे रहे, वहीं दूसरी तरफ कंपनी प्रबंधन भी अपने रुख पर अड़ा रहा।
⚖️ ठुकराल के हस्तक्षेप से बनी बात
बढ़ते तनाव के बीच दोपहर करीब 2 बजे पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच वार्ता शुरू कराई। पुलिस की मौजूदगी में हुई लंबी बातचीत के बाद आखिरकार सहमति बन गई।
✅ ये फैसले हुए तय:
मृतक के पुत्र इंद्रजीत को कंपनी में पक्की नौकरी
कंपनी पॉलिसी के अनुसार मुआवजा
सभी कर्मचारियों का एक दिन का वेतन सहयोग
एंबुलेंस व अंतिम संस्कार के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता
इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा ने व्यक्तिगत रूप से 20,000 रुपये का चेक भी परिवार को सौंपा।
👥 मौके पर बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद
इस दौरान सिडकुल श्रमिक मोर्चा, यूनियन पदाधिकारी और सैकड़ों श्रमिक मौके पर मौजूद रहे।
📌 निष्कर्ष:
शुरुआती टकराव और भारी हंगामे के बाद आखिरकार बातचीत से मामला सुलझ गया, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक सुरक्षा और प्रबंधन के रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
