आम आदमी पार्टी का कारवां प्लेन से लेकर पहाड़ तक तेजी से बढ़ता जा रहा है,,समय आने पर शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार के किए जाएंगे अवसर प्रदान

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काशीपुर (सुनील शर्मा) दिल्ली की 70 में से 67 सीटें हासिल कर देश की राजनीति में भूचाल लाने वाली आम आदमी पार्टी का कारवां यहां उत्तराखंड में भी प्लेन से लेकर पहाड़ तक तेजी से बढ़ता जा रहा है। माना जा रहा है कि संगठन का जनाधार अगर इसी स्पीड से बढ़ता रहा तो निश्चित तौर पर मिशन 2022 के नतीजे चौंकाने वाले होंगे। 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने पूरी तरह से उत्तराखंड में बिगुल फूंक दिया है। इसी के तहत पर्वतीय व मैदानी क्षेत्र में कांग्रेस बसपा समेत तमाम राजनीतिक दलों से अब तक हजारों की तादात में लोगों ने पार्टी को बाय बाय कर आप का दामन थाम लिया। हालिया विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचे आप के प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया सह प्रभारी राजीव चौधरी व राज्य आंदोलनकारी तथा पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक बाली ने संयुक्त रूप से जागेश्वर धाम में प्रदेश की खुशहाली व समृद्धि के लिए पूजा अर्चना की। इसके बाद एक कार्यक्रम में शामिल हुए आप नेताओं की मौजूदगी में जागेश्वर से बसपा नेता तारा दत्त पांडे ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ बीएसपी को छोड़कर आप का दामन थाम लिया। बसपा नेता के इस तरह अचानक आप पार्टी में चले जाने से पहाड़ की राजनीति में भूचाल सा पैदा हो गया है।  बताया गया कि तारा दत्त पांडे बसपा के टिकट पर 2012 और 2017 में जागेश्वर से विधायक का चुनाव लड़ चुके हैं।  अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ पार्टी का दामन थामे जाने पर आम आदमी पार्टी के प्रभारी ने उन्हें व उनके समर्थकों को टोपी पहना कर उनका जोरदार तरीके से इस्तकबाल किया। आप पार्टी के प्रभारी ने अपने संक्षिप्त उदबोधन में कहा कि उत्तराखंड में हुए विकास के पहिए को अब आम आदमी पार्टी गति देगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की पारदर्शी नीतियों के कारण दिल्ली ही नहीं वरन उत्तराखंड समेत समूचे देश में लोग लगातार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा स्वास्थ्य बिजली पानी की जो व्यवस्था दिल्ली में है वह पूरे देश में कहीं नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में यदि उत्तराखंड की आवाम ने प्रदेश के नेतृत्व की बागडोर आप पार्टी को सौंपी तो निश्चित तौर पर नवसृजित राज्य उत्तराखंड में भी विकास की बयार बहेगी और दिल्ली की तर्ज पर यहां  शिक्षा स्वास्थ्य बिजली पानी की किल्लत का खात्मा होगा। उन्होंने पर्वतीय इलाकों से लगातार हो रहे पलायन को रोकने के लिए भी कटिबद्धता जताते हुए कहा कि समय आने पर शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

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