गौमाता के नाम पर राजनीति, पर अब खामोशी क्यों? रुद्रपुर में तेज रफ्तार ट्रेन ने आधा दर्जन गौवंश को कुचला बीजेपी नेताओं की चुप्पी पर उठे सवाल

ख़बर शेयर करें -

रेल पटरी पर मचा हाहाकार! तेज रफ्तार ट्रेन ने आधा दर्जन गौवंश को कुचला, गर्भवती गाय की दर्दनाक मौत – लोगों में उबाल

 

पंतनगर के छतरपुर मार्ग पर अशोक लीलेंड रेलवे फाटक के पास बड़ा हादसा हो गया। रेल पटरी पर घूम रहे गौवंशीय पशुओं का झुंड अचानक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे करीब आधा दर्जन गायों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

 

हादसा इतना भयावह था कि मौके पर दृश्य देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। एक गाय गर्भवती थी, जिसका पेट फटने से गर्भस्थ बछड़ा बाहर आ गया। सूचना मिलते ही रेलवे और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जेसीबी की मदद से मृत पशुओं के अवशेषों को हटाकर ट्रैक को साफ करवाया गया।

 

इस दौरान सुरक्षा के चलते रेलवे लाइन के पास लगे विद्युत पोलों की सप्लाई रोक दी गई और रुद्रपुर व हल्दी रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद ट्रैक को साफ किया जा सका और यातायात सामान्य हुआ।

 

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। उनका कहना है कि छतरपुर मार्ग और अन्य मुख्य सड़कों पर आवारा गौवंश का आतंक लगातार बढ़ रहा है। कई बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन इस समस्या पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है।

 

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसे न हों।

पंतनगर के छतरपुर मार्ग पर अशोक लीलेंड रेलवे फाटक के पास बड़ा हादसा हुआ। रेल पटरी पर घूम रहे गौवंशीय पशुओं का झुंड अचानक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भयावह थी कि करीब आधा दर्जन गायों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, कई गंभीर रूप से घायल हो गईं।

एक गाय गर्भवती थी, जिसका पेट फटने से गर्भस्थ बछड़ा बाहर आ गया — दृश्य इतना दर्दनाक था कि देखने वालों की आंखें भर आईं।

सूचना पर पुलिस, रेलवे अधिकारी और गांव रक्षा दल की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी की मदद से ट्रैक से अवशेष हटवाकर ट्रेनों का संचालन दो घंटे बाद फिर शुरू किया गया।

लेकिन अब सवाल ये है कि आख़िर प्रशासन और जनप्रतिनिधि कब जागेंगे?
लोगों का कहना है कि रुद्रपुर ही नहीं, पूरे उधमसिंहनगर जिले में सड़कों पर आवारा गौवंश हर दिन घूम रहे हैं। कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, कई लोग जान गंवा चुके हैं — मगर न नगर निगम सक्रिय है, न प्रशासन।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि —
👉 यहां के विधायक भाजपा के,
👉 सांसद भाजपा के,
👉 मुख्यमंत्री भाजपा के,
👉 और केंद्र में प्रधानमंत्री भी भाजपा के हैं।

फिर क्यों “गौ माता” की सुरक्षा पर सबकी चुप्पी है?
भाजपा सरकार गौ माता की सेवा और सुरक्षा की बातें करती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत ये है कि रुद्रपुर जैसे जिला मुख्यालय पर ही गौवंश रेल की पटरियों पर मर रहे हैं।

अगर जिला मुख्यालय की ये स्थिति है, तो सवाल उठता है कि गांवों और दूरदराज के इलाकों में रोज कितनी गौमाताएं मौत के मुंह में जा रही होंगी?

लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता का आईना है।
जनता ने मांग की है कि गौवंश की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था बने, सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *