लोकसभा पर्यवेक्षक सामने आई कांग्रेस की गुटबाजी पर्यवेक्षक के समक्ष कांग्रेसियों ने किया विरोध

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रुद्रपुर  (एम सलीम खान) लोकसभा पर्यवेक्षक सामने आई कांग्रेस की गुटबाजी बेहड के किच्छा और आर्य के बाजपुर से चुनाव लडने का जमकर विरोध (लोकसभा पर्यवेक्षक के समक्ष कांग्रेसियों ने किया विरोध)-(यादव ने कहा कांग्रेस में नहीं है गुटबाजी) रुद्रपुर आगामी विधानसभा चुनाव 2022 के चुनाव में सत्ता वापसी की कलह झेल रही कांग्रेस के लिए समीकरण ठीक नहीं दिखाई दे रहे हैं। जहां एक तरफ सत्तारूढ़ भाजपा आगमी चुनावों को लेकर दमखख के साथ मैदान में हैं, तो वहीं कांग्रेस में गुटबाजी का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस की अंदरुनी कलह थामने का नाम नहीं ले रही है। बीते रोज रुद्रपुर पहुंचे कांग्रेस के नैनीताल लोकसभा पर्यवेक्षक व राजस्थान सरकार में मंत्री राजेंद्र यादव के सामने ही पार्टी की अंतर कलह खुल सामने आई। वही अनुशासन की डींगे हकने वाली कांग्रेस का अनुशासन नतमक चेहरा भी सामने आ गया। मामले ने उस समय तुल पकड़ा जब किच्छा विधानसभा सीट से दावेदारी को लेकर कांग्रेस के सात वरिष्ठ नेताओं ने पर्यवेक्षक के सामने ही जमीन पर बैठकर धरना देना शुरू कर दिया। कांग्रेस के नेताओं का कहना था कि किच्छा विधानसभा सीट से स्थानीय उम्मीदवार को टिकट दिया जाएं। इस मामले ने पार्टी नेतृत्व की मर्यादाओं को भी कलंकित कर दिया। वही शीर्ष नेताओं ने इन पार्टी नेताओं की बात को दरकिनार कर दिया और इसके विरोध में यह नेता पूरी कान्फ्रेंस में जमीन पर बैठकर धरना देते रहे। कांग्रेस कमेटी में विधानसभा सीटों पर टिकट के दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। दावेदारों की कतार को परखने के लिए रुद्रपुर पहुंचे कांग्रेस के नैनीताल ऊधम सिंह नगर लोकसभा क्षेत्र के पर्यवेक्षक राजेंद्र यादव के समक्ष किच्छा विधानसभा सीट पर गुटबाजी खुल सामने आई। बीते रोज यादव ऊधम सिंह नगर से विधानसभा पद के उम्मीदवारों की रायशुमारी के लिए नगर के सोनिया होटल में आयोजित बैठक में पहुंचे। जहां किच्छा विधानसभा सीट पर लोकल उम्मीदवारों बनाने की मांग को लेकर कांग्रेस प्रदेश सचिव हरीश पनेरु, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पुष्कर राज जैन, कांग्रेस किसान नेता गणेश उपाध्याय, कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, किसान कांग्रेस के सुरेश पपनेजा, राजेश सिंह, संजीव कुमार पर्यवेक्षक राजेंद्र यादव के सामने ही धरने पर बैठ गए और जमकर विरोध जताया। वही इन नेताओं का कहना था कि किच्छा से स्थानीय व्यक्ति को विधानसभा का टिकट दिया जाए। विरोधी नेताओं ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ की किच्छा विधानसभा सीट से दावेदारी का विरोध जताया। उन्होंने इस बार किच्छा विधानसभा से स्थानीय व्यक्ति को टिकट देने की मांग उठाई। उनका कहना था कि टिकट की दावेदारी कर रहे तिलक राज बेहड कई बार चुनाव जीत चुके हैं। इसलिए किच्छा विधानसभा सीट से स्थानीय व्यक्ति को ही उम्मीदवार बनाया जाए। बेहड बोलें लोकतंत्र में हर किसी को टिकट मांगने का अधिकार किच्छा विधानसभा सीट से दावेदारी का विरोध झेल रहे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलक राज बेहड़ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में लोकतंत्र है। कांग्रेस में हर व्यक्ति को टिकट मांगने का अधिकार प्राप्त है। मैंने कहा कि सबको अपनी दावेदारी पेश करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान का जो भी फैसला होगा उसे सभी को हदय से स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों का चयन केन्द्र नेतृत्व करेगा, जो सभी को स्वीकार करना होगा। आर्य पर भी गिरी विरोध की गाज भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे यशपाल आर्या की कांग्रेस में वापसी के बाद कांग्रेस से बाजपुर से चुनाव लडने को लेकर जमकर विरोध किया जा रहा है। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सुनीता टम्टा बाजवा व पूर्व विधायक यशपाल आर्य के समर्थकों के बीच जुबानी जंग की  हो गई है। सुनीता के पक्ष में पूर्व जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह ने समर्थकों के साथ बैठक कर यहां यशपाल आर्य के बाजपुर से विधानसभा चुनाव लड़ने की दशा में देख लेने की धमकी दे डाली, वही इसके विरोध में उतरे यशपाल आर्य के समर्थकों ने भी इस तरह की धमकी व गुंडागर्दी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त ना करने का ऐलान कर दिया। यशपाल आर्य के समर्थकों ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में देख लेंगे कि किसमें कितना दम है। चीनी मिल गेस्ट हाउस में कविता के समर्थकों की बैठक आयोजित की गई। जिसमें यशपाल आर्य को बाजपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का विरोध करने का फैसला किया गया। वही यशपाल आर्य के समर्थकों ने कहा कि आर्य को विधानसभा चुनाव लाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। तौबा तौबा कांग्रेस में गुटबाजी कैसे होगा सत्ता परिवर्तन उत्तराखंड विधानसभा चुनावों से पहले ही कांग्रेस दो गुटों में विभाजित हो गई है। उम्मीदवारों को लेकर कांग्रेस में घमसान मचा हुआ है।हर कोई टिकट मांगने की बात कर रहा है। ऐसे में सत्ता परिवर्तन की बात करने वाली कांग्रेस अपने ही घर में रहने वाले लोगों को समझाने में असफल साबित हो रही है। वही कांग्रेस के कुछ नेताओं का कहना है कि भाजपा छोड़कर कुछ दिग्गज नेता कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में सवाल यह की जिस कांग्रेस में घर का भेदी ही लंका ढहने के प्रयास कर रहे, तो ऐसे में सत्ता परिवर्तन की बात कहने वाली कांग्रेस किस तरह असंतुष्ट पार्टी नेताओं को समझने का प्रयास करेगी।

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