
समाचार प्लस लाइव | मानसून को देखते हुए डीएम मयूर दीक्षित ने दिए सख्त निर्देश: बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर होगी कार्रवाई
हरिद्वार।मानसून की आहट के साथ ही जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आगामी मानसून, कांवड़ मेला और गतिमान चारधाम यात्रा के मद्देनज़र जनपद के समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ें और अवकाश पर न जाएं। डीएम ने साफ किया कि आदेश की अवहेलना करने वालों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा भारी वर्षा की चेतावनियों को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह से तैयार रहना है। मानसून के दौरान गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि, भू-कटाव, बाढ़, तथा जलभराव जैसी आपदाओं की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होता है और जान-माल की हानि की भी संभावना रहती है।
डीएम ने स्पष्ट किया कि स्थानीय निकायों व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित छोटे-बड़े नालों की सफाई, जल निकासी, तथा तत्काल रिस्पांस सिस्टम के लिए विभागों के बीच बेहतर आपसी समन्वय जरूरी है। साथ ही, कांवड़ यात्रा व चारधाम यात्रा के दौरान जिले में बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों की उपस्थिति के चलते किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अधिकारी हर समय मौजूद रहें।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि संबंधित विभागों को पूर्व से ही आपदा प्रबंधन की दृष्टि से तैयारी रखनी होगी ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में समय पर राहत और बचाव कार्य किए जा सकें।
✅ मुख्य निर्देश बिंदु:
डीएम की अनुमति के बिना कोई अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ सकता।
सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द।
बाढ़, जलभराव व भू-कटाव से निपटने को लेकर तैयारियां ज़रूरी।
कांवड़ यात्रा व चारधाम तीर्थयात्रा को लेकर विशेष सतर्कता।
आदेश की अनदेखी पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई।
