अनुमति ब्लॉक बनाने की ठकेदार कर रहा अवेध खनन, हकीकत आई सामने…….

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मालधन- (उत्तराखंड खबरनामा के लिए सलीम अहमद साहिल ) अवैध खनन से भरे डम्पर ने एक स्कूटी स्वर को जोरदार टक्कर मार दी टक्कर इतने जबरदस्त थी कि स्कूटी सीधा डम्फर के नीचे आकर कुचल गई गनीमत रही कि स्कूटी चालक की जान बच गई। ऑक्सीडेंट की सूचना जैसे ही ग्रामीणो को लगी घटना स्थल में सैकड़ों की भीड़ जुट गई घटना की सूचना पुलिस को दी गई सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल ने मोके पर पहुँच कर स्थिति को संभाला। घटना की जानकारी मिलते ही रामनगर उपजिलाधिकारी विजय नाथ शुक्ल ओर कोतवाल अबुल कलाम भी मौके पर पहुचे गए।


जानकारी के अनुसार मालधन में सिंचाई विभाग का कार्ये ढेला बैराज में चल रहा था जिसकी आड़ में अवैध खनन भी जोर शोर से चल रहा था आपके बता दे बड़े पैमाने पर रात दिन जे०सी०बी० ओर डम्परों, टैक्टरो से खनन किया जा रहा था ग्रामीणों द्वारा बार अवेध खनन का विरोध किया ग्रामीणों को ढेला बैराज की सफाई और डैम के बंदे पर खड्डों के भरान की परमिशन हैं बोल दिया जाता रहा है।


पूरे मामले का खुलासा आज हुआ परमिशन सिर्फ ढेला बैराज पर ब्लाक बनने की थी।
लगभग दो महीने से ढेला नदी से बड़े पैमाने पर अवैध खनन जोरो से चल रहा था लेकिन किसी भी उच्चधिकारी ने सिचाई विभाग के चल रहे कार्य की परमिशन चेक करने की जहमत नही उठाई। सिंचाई विभाग के कार्य की आड़ में जो ठेकेदार अवेध खनन का कारोबार वन विभाग और प्रशाशनिक अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर कर रहा था, उसके ऊपर क्या कार्यवाही होगी ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। वन विभाग तराई पश्चिमी डिविजन रामनगर के आमपोखरा रेज में ये अवेध खनन का कार्य चल रहा था लेकिन वन विभाग सोता रहा और वन विभाग की नाक के नीचे बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता हैं,


आपको बता दें डम्फर से स्कूटी के कुचले जाने का बाद वन विभाग जागा ओर अब रेंजर विपिन कुमार डिमरी सिचाई विभाग के ऊपर तुरंत कार्यवाही का आधिकारिक बयान जारी कर दिया। लेकिन जिन अवैध खनन कारोबारियों ने वन विभाग को लाखों का चूना लगाया उनके ऊपर वन विभाग की ओर से अभी कोई कार्यवाही की बात नही की जा रही हैं। सिचाई विभाग के उच्चधिकारियों ने भी सिचाई विभाग के कार्य और अवैध खनन कि जानकारी उपजिलाधिकारी रामनगर को नही दी गई थी ढेला बैराज से पांच सौ मीटर की दूरी तक कोई भी मिट्टी या खनन नही किया जा सकता लेकिन मालधन में ऐसी ही नियमावली की जमकर धज्जियां उड़ाई ओर बैराज के पचास मीटर दूरी से लगभग एक किलोमीटर दूरी तक जे०सी०बी से गहरे खड्डे खोद कर लाखो का आर बी एम तो उठाया ही गया साथ बैराज को भी कमजोर बनाया है
उपजिलाधिकारी रामनगर का कहना है कि सिचाई विभाग ने अवेध खनन या सिचाई विभाग का कार्य प्रगति पर हैं ऐसी कोई भी सूचना नही दी हैं
दूसरी ओर सिंचाई विभाग एई दीपक कुमार शर्मा का कहना है कि हमारे द्वारा अवैध खनन की जानकारी उपजिलाधिकारी को दी गई है साथ ही उन्हें अब ये भी याद आ गया हैं कि अवैध रूप से चल रहे डम्परों से डैम के बांध को भी नुकसान हो रहा है दोनों अधिकारियो के बयानों में मतभेद बना हुआ है ।

उपजिलाधिकारी के आदेशानुसार डम्पर को सीज कर एफ आई आर दर्ज कर दी गई है लाखो का अवैध खनन स्टॉक पर भी सीज की कार्यवाही की गई हैं ऐई दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि सिचाई विभाग में चल रहे कार्य की समय समय पर निरक्षण किया जाता रहा हैं। लेकिन गम्भीर सवाल ये हैं कि ढेला बैराज के पांचस मीटर से एक किलोमीटर दूरी तक अवैध खनन होता रहा बैराज को भी नुकसान पहुंचे की बड़ी संभावना हैं लेकिन सिचाई विभाग की ओर से अवैध रूप से खनन कर रहे ठेकेदार पर कोई कानूनी कार्यवाही होती नजर नही आ रही हैं।

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