नजूल भूमि पर मालिकाना हक का श्रेय लेने की मची होड़, भाजपा नेताओं के अलग-अलग दावे  

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रुद्रपुर- (एम सलीम खान) (विधायक ठुकराल, भाजपा जिलाध्यक्ष अरोरा और विकास शर्मा के समर्थकों के अलग-अलग दावे) उत्तराखंड सरकार द्वारा नजूल भूमि पर मालिकाना हक का अध्यादेश पारित करने के बाद रुद्रपुर के भाजपाइयों में इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई है। विधायक राजकुमार ठुकराल, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोरा और भाजपा नेता विकास शर्मा इस मामले को लेकर अलग थलग बयान कर रहे हैं। रुद्रपुर से भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल का दावा है कि उनके लंबे संघर्ष के बाद नजूल भूमि पर बसे हजारों लोगों को मालिकाना हक दिलाने में कोई मेहनत रंग लाई। विधायक ठुकराल ने तो यहां तक कहा कि भाजपा सरकार ने नजूल भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना हक देकर उनके संकल्प को पूरा कर दिया है। विधायक ने कहा कि अब उनके सामने आगामी विधानसभा चुनाव लडने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नगर विकास मंत्री बंशीधर भगत सहित विधान परिषद के सभी सदस्यों का आभार तक जता डाला। वही उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव पूरे दमखम से लडने की घोषणा कर डाली। अब बात करते हैं भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष शिव अरोरा की जिलाध्यक्ष शिव अरोरा ने नजूल भूमि पर मालिकाना हक को लेकर इसका श्रेय पूर्व पालिकाध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता स्वर्गीय सुभाष चतुर्वेदी को दिया है। नगर में आयोजित कार्यक्रमो में भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोरा ने साफ किया कि नजूल भूमि पर मालिकाना हक देने का मुद्दा उठाने वाले स्वर्गीय चतुर्वेदी को इसका श्रेय जाता है, हालांकि उन्होंने इसके लिए स्थानीय विधायक, मेयर और भाजपा के हर उस कार्यकर्ता को इसका श्रेय दिया जिन्होंने इस मामले को लेकर अपनी आवाज बुलंद की थी।

शिव अरोरा ने कहा कि भाजपा सरकार ने नजूल भूमि पर मालिकाना हक का अध्यादेश पारित कर इतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने इसके लिए सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नगर विकास मंत्री बंशीधर भगत को अहम मान्यता देते हुए कहा कि रुद्रपुर में लंबे समय से उठ रही मांग को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंभीरता से लेते हुए आज बरसों बाद इस मामले का समाधान समयबद्धता कर एक अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के इस बड़े फैसले का श्रेय आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिलेगा। वही युवा भाजपा नेता विकास शर्मा भी इसमें पीछे नहीं हैं।

 विकास शर्मा ने भी भाजपा सरकार के इस फैसले का श्रेय लेने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। उनका कहना है कि जब भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यहां दौरें पर आएं उन्होंने इस मामले को गंभीरता से उनके समक्ष प्रस्तुत किया। शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार ने रुद्रपुर में नजूल भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना हक देकर ऐतिहासिक फैसला किया है। हालांकि हाल ही में विकास शर्मा पर करोड़ों रुपए की नजूल भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने के आरोप लगे थे। इसमें उनका नाम उस समय सामने आया जब शैलजा फार्म की करोड़ों रुपए की नजूल भूमि पर उनके और उनके कुछ साथियों ने जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की थी। वही उस समय खबर यह भी सामने आई थी कि मुख्यमंत्री धामी के एक नजदीकी भाजपा नेता ने गौशाला की भूमि पर राजनितिक दबदबा कायम कर जमीन को हड़पने के षड्यंत्र रचने के आरोप लगे थे। वही आपको बता दें कि रुद्रपुर विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा स्थिति में तीन उम्मीदवारों के नामों की चर्चा जोरों पर है। जिसमें सबसे पहले मौजूदा विधायक राजकुमार ठुकराल, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोरा और युवा भाजपा नेता विकास शर्मा का नाम प्रमुख है। वही एक अन्य भाजपा नेता उत्तम दत्ता भी रुद्रपुर विधानसभा सीट से टिकट लेने की रेस में शामिल हैं। लेकिन हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दौरे को लेकर उन्होंने अपनी ही पार्टी के खिलाफ बगावत शुरू कर दी है।अब सवाल यह है कि हकीकत में रुद्रपुर की आम जनता नजूल भूमि पर मालिकाना हक को देने के लिए किस भाजपा नेता को इसका श्रेय देती है,यह तो आगामी विधानसभा चुनाव में खुलकर सामने आ ही जाएगा। फिलहाल मौजूदा स्थिति में हर भाजपा नेता इस मामले को लेकर अपनी पीठ थपथपा रहा है।

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