लालकुआ – (जफर अंसारी) जिले भर में किसी भी ओर निकल जाइए खुलेआम वाहनों में ओवरलोडिंग देखने को मिल जाएगी, क्या कारण है कि दिनदहाड़े खुलेआम वाहनों में ओवरलोडिंग चल रही है? यह ओवरलोड वाहन शहरों में गांव में तथा मुख्य बाजारों में दिन-रात समान ढोते दिख जाएंगे, यह सब परिवहन विभाग की जानकारी के बावजूद हो रहा है, क्या कारण है कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद भी परिवहन विभाग मूकदर्शक बना हुआ है, वास्तव में सवाल तो यह उठता है कि किसकी सह पर चल रहा है रात दिन ओवरलोडिंग का कारवां, शासन ने भी कई बार तेज रफ्तार वाहन चलाने ,ओवर लोडिंग करने, व वाहन चलाते वक्त मोबाइल में बात करने के खिलाफ आपराधिक मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए थे, बावजूद इसके परिवहन विभाग के अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता, वाहनों में ओवरलोडिंग मिलने पर प्रति कुंटल के हिसाब से जुर्माना लिया जाना चाहिए, ओवरलोडिंग वाहनों पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए, सरिया पाइप और अन्य नुकीली वस्तुएं वाहन से बाहर नहीं निकली होनी चाहिए, सवारी और भार वाहनों में यात्रियों की संख्या से अधिक लोग बैठे नहीं होने चाहिए, इत्यादि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद भी यह सब खुलेआम धड़ल्ले से हो रहा है,आखिर कब तक परिवहन विभाग मूकदर्शक बना रहेगा? और इन ओवरलोड वाहनों की चपेट में आकर बेकसूर लोग अपनी जान गवाते रहेंगे |
