
कैंपा फंड का होगा जनकल्याण में बेहतर उपयोग: मुख्यमंत्री धामी ने दिए जलस्रोत संरक्षण व ग्रीन कवर बढ़ाने के निर्देश
देहरादून, 1 जुलाई 2025 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में उत्तराखण्ड कैंपा (क्षतिपूर्ति वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण) की शासी निकाय की बैठक संपन्न हुई। बैठक में कैंपा फंड से संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और आगे की कार्ययोजना पर मंथन हुआ।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कैंपा निधि का उपयोग राज्य में वनों के सतत प्रबंधन, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, वानिकी विकास, और वनों पर आश्रित समुदायों के कल्याण के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि देहरादून शहर का ग्रीन कवर बढ़ाने हेतु केंद्र से अनुमति लेकर कैंपा फंड का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
धामी ने पहाड़ी क्षेत्रों में जलस्रोतों के संरक्षण व पुनर्जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। इसके लिए वन विभाग के साथ पेयजल, ग्राम्य विकास, जलागम और कृषि विभागों को एकजुट होकर ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने वनाग्नि रोकथाम हेतु आधुनिक तकनीक और सामुदायिक भागीदारी आधारित रणनीति विकसित करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए सर्वाइवल रेट पर ध्यान देने और नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी हरेला पर्व पर राज्यभर में फलदार व औषधीय पौधों का अधिक से अधिक रोपण करने की बात कही और जनता को “मां के नाम एक पेड़” लगाने हेतु प्रेरित करने की अपील की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि गौरा देवी की जन्म शताब्दी पर वन विभाग प्रदेश के सभी डिवीजनों में फलदार पौधों का विशेष रूप से रोपण करें।
बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक भूपाल राम टम्टा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख वन संरक्षक समीर सिन्हा, सचिव राधिका झा, चन्द्रेश कुमार, एस.एन. पाण्डेय, श्रीधर बाबू अदांकी सहित वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
