ऊधम सिंह नगर में संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, 94 लाइसेंस कब्जे में, 119 शस्त्र जमा
रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर पुलिस ने जिले में संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सत्यापन अभियान चलाते हुए व्यापक कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति के निर्देशन में गठित तीन विशेष पुलिस टीमों ने जनपदभर में अभियान चलाकर 678 शस्त्र लाइसेंसों को सत्यापन के लिए चिन्हित किया। इनमें से अब तक 626 लाइसेंसों का सत्यापन पूरा हो चुका है। जांच के दौरान 108 लाइसेंस संदिग्ध पाए गए, जबकि 94 लाइसेंस पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए और 119 शस्त्र संबंधित थानों में जमा कराए गए हैं।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 11 जून 2026 को कोतवाली कुण्डा में दर्ज एक मुकदमे की विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के बाद शुरू की गई। उस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चार शस्त्र और दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए थे। जांच में यह भी सामने आया कि जनपद में बाहरी राज्यों एवं अन्य जनपदों से जारी कई शस्त्र लाइसेंसों के आधार पर हथियार खरीदे और इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जिनकी वैधानिकता संदिग्ध प्रतीत हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अजय गणपति ने 25 जून 2026 को तीन विशेष पुलिस टीमों का गठन कर जिलेभर में गैर जनपदों और बाहरी राज्यों से जारी शस्त्र लाइसेंसों के सत्यापन का अभियान शुरू कराया। अभियान के दौरान थाना स्तर पर दस्तावेजों का मिलान, लाइसेंस धारकों का सत्यापन और शस्त्रों की जांच की गई।
थानावार कार्रवाई में कोतवाली बाजपुर सबसे आगे रही, जहां 39 संदिग्ध लाइसेंस कब्जे में लिए गए और 43 शस्त्र जमा कराए गए। इसके अलावा केलाखेड़ा, गदरपुर, नानकमत्ता, सितारगंज, जसपुर, काशीपुर, कुण्डा और अन्य थाना क्षेत्रों में भी कई संदिग्ध लाइसेंसों पर कार्रवाई की गई।
एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जनपद में फर्जी, संदिग्ध अथवा नियम विरुद्ध तरीके से प्राप्त किए गए शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जिन लाइसेंसों की वैधानिकता संदिग्ध है, उनकी गहन जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शेष 52 लाइसेंसों का सत्यापन भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
