आज के सन्दर्भ में दीपावली संदेश विषय पर गोष्ठी……

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गाजियाबाद- को केंद्रीय आर्य युवक परिषद के तत्त्वावधान में  ‘आज के सन्दर्भ में दीपावली संदेश’ विषय पर गोष्ठी संपन्न हुई।कोरोना काल से यह 586 वाँ वेबिनार था।वैदिक प्रवक्ता अतुल सहगल ने सर्वप्रथम आज के सन्दर्भ में दीपावली संदेश विषय की भूमिका के रूप में बृहदारण्यक उपनिषद के पवमान मन्त्र को प्रस्तुत किया और सत्य व ज्ञानप्रकाश की महिमा बताई। वक्ता ने यह तथ्य सामने रखा कि सत्यज्ञान ही अमृत है और मनुष्य को मोक्षद्वार तक पंहुचाने का साधन है।

 

दीपावली पर्व यही मुख्य सन्देश लेकर आता है कि मनुष्य अपने जीवन से तमस अर्थात असत्य को दूर करने में अधिक प्रयासरत हो जाए।वक्ता ने ईश्वर को परम सत्ता और परम सत्य कहते हुए अपने वक्तव्य को आगे बढ़ाया।तत्पश्चात ज्ञान की महत्ता प्रकट की।अज्ञानता को मानव के लिए सबसे बड़ा अभिशाप बतलाया।दीपावली पर्व की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की चर्चा करते हुए आप्त पुरुष श्रीराम के जीवन से सम्बद्ध घटना का उल्लेख किया कि किस प्रकार उनकी राजधानी अयोध्या में पुनः आगमन पर उनकी प्रजा ने दिए जलाकर उनका स्वागत किया था।

 

उनका आगमन वास्तव में उनके प्रजाजनों के लिए ज्ञान का सूर्योदय था।मनुष्य अल्पज्ञ और अस्थिर ज्ञान वाला है।उसे विद्वानों और आप्त पुरुषों से मार्गदर्शन चाहिए।यदि आप्त पुरुष ही राजा हो तो प्रजा धन्य है।वक्ता ने पर्व के सन्देश को प्रस्तुत करते हुए कहा कि हम जीवन से तमस हटाने का पुरुषार्थ करें।सत्य के स्थापना हेतु प्रचार,प्रसार तो करें ही,आसुरी शक्तियों के साथ युद्ध करने के लिए कमर कसकर तैयार रहें।वातावरण के प्रदूषण को दूर करने प्रयास करें।भ्रष्टाचार का प्रतिकार करें।

 

पर्यावरण संरक्षण के लिए वैदिक विज्ञान पर आधारित प्रोद्योगिकी को विकसित करें।वेद विज्ञान पढ़ें और पढ़ाएं।वक्ता ने कहा कि इस पावन पर्व का मुख्य सन्देश यही है कि व्यवहारिक स्तर पर हम निर्भीक होकर अज्ञान,प्रदूषित ज्ञान,अर्द्धज्ञान और अविद्या को मिटाने का प्रयास करें।अन्याय, अत्याचार,अराजकता के विरुद्ध अभियान और आंदोलन चलाएं।अंत में वक्ता ने सन्देश दिया कि इस उत्सव को प्रतीक रूप में कम और यज्ञ का अनुष्ठान करके अधिक मनाएं।केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में उसके कर्मो से सुगंध आनी चाहिए।

 

यदि आपकी उपस्थिति मात्र से किसी को प्रसन्नता मिले यही आदर्श जीवन है।जो आपके पास है उसे समाज के लिए समर्पित कर देना चाहिए।मुख्य अतिथि चन्द्र कांता गेरा एवं अध्यक्ष ओम सपड़ा ने भी दीपावली पर्व के महत्व की चर्चा की तथा राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने धन्यवाद ज्ञापित किया।गायिका चन्द्र कांता गेरा, रचना वर्मा, जनक अरोड़ा, रविन्द्र गुप्ता, कमला हंस, नीलम गुप्ता, सुनीता अरोड़ा, कमलेश चांदना, विजय खुल्लर,कौशल्या अरोड़ा आदि ने मधुर भजन प्रस्तुत किए।

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