भूमि धोखाधड़ी पर कुमाऊँ पुलिस की बड़ी कार्रवाई
धनंजय गिरी प्रकरण में विवेचक निलंबित, पीड़ितों को धन वापसी के लिए SIT सक्रिय
कुमाऊँ परिक्षेत्र में भूमि धोखाधड़ी के मामलों पर पुलिस ने सख्त और निर्णायक रुख अपनाया है। शासन स्तर पर गठित लैंड फ्रॉड समिति एवं पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ के निर्देशन में गठित परिक्षेत्रीय SIT अब सभी मामलों की पारदर्शी और प्रभावी जांच करेगी।
पूर्व में कुछ जनपदों द्वारा अपने स्तर पर गठित SIT को अनुचित पाए जाने और पुलिस कर्मियों की संलिप्तता की शिकायतों के चलते तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। अब भूमि धोखाधड़ी से जुड़े किसी भी नए मामले की प्रारंभिक जांच संबंधित क्षेत्राधिकारी द्वारा की जाएगी।
धनंजय गिरी प्रकरण
बीते दो माह में अभियुक्त धनंजय गिरी के विरुद्ध कई पीड़ितों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। जांच में सामने आया कि विवेचक की मिलीभगत एवं लापरवाही के कारण अभियुक्त को लाभ मिला, जिस पर उपनिरीक्षक अनिल कुमार (चौकी भोटियापड़ाव) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
SIT का मुख्य उद्देश्य नए कानून BNSS की धारा 107 के अंतर्गत न्यायालय के माध्यम से अभियुक्त द्वारा धोखाधड़ी से अर्जित धन को पीड़ितों को वापस दिलाना है।
पीड़ितों से अपील
जिन पीड़ितों की शिकायत अभी तक दर्ज नहीं हो सकी है या जिनके साथ धनंजय गिरी अथवा उसके सहयोगियों ने धोखाधड़ी की है, वे
📞 परिक्षेत्रीय मोबाइल नंबर: 9411110057
या
SIT प्रभारी मनोज कत्याल, पुलिस अधीक्षक (नगर), हल्द्वानी
से संपर्क कर सकते हैं।
कुमाऊँ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी योजना या व्यक्ति में निवेश से पहले उसकी सरकारी वैधता की जांच अवश्य करें। अभियुक्त धनंजय गिरी के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
