उत्तराखंड देहरादून,में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की सख्त कार्यवाही लगातार जारी है। इसी कड़ी में सोमवार को विजिलेंस टीम ने देहरादून जिले की तहसील कालसी में तैनात पटवारी गुलशन हैदर को 2000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया।
शिकायतकर्ता ने टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके चचेरे भाइयों ने जाति प्रमाण पत्र व मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन वह आवेदन निरस्त हो गया। जब इस बाबत पटवारी गुलशन हैदर से फोन पर संपर्क किया गया, तो उसने 2000 रुपये और फोटो आईडी लेकर 26 मई को तहसील कार्यालय बुलाया।
शिकायतकर्ता रिश्वत देना नहीं चाहता था, बल्कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करवाना चाहता था। इसके बाद विजिलेंस सेक्टर देहरादून की ट्रैप टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए पटवारी को उसके प्राइवेट कमरे में दो हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया।
हैरानी की बात यह रही कि पटवारी गुलशन हैदर ने विजिलेंस टीम को देखते ही नोटों को निगलने की कोशिश की, ताकि सबूत मिटाया जा सके। तत्काल उसे उपजिला अस्पताल ले जाया गया।
अब आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम जांच शुरू कर दी गई है। निदेशक सतर्कता डॉ. वी. मुरूगेसन ने इस सराहनीय कार्रवाई के लिए ट्रैप टीम को नकद इनाम देने की घोषणा की है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
