घसियारियों के साथ हुई घटना पर थमने का नाम नही ले रहा महिलाओं का आक्रोश…

ख़बर शेयर करें -

 

मालधन-हेलंग गांव की घसियारी महिलाओं की पुलिस व सीआईएसएफ के द्वारा जबरन घास छीन जाने और उन्हें घंटों तक गैर कानूनी हिरासत में रखे जाने के खिलाफ महिला एकता मंच के बैनर तले मालधन क्षेत्र की महिलाओं में जुलूस निकालकर आक्रोश व्यक्त किया तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जुलूस के बाद मानधन नंबर दो के चौराहे पर हुई

 

सभा का संचालन करते हुए महिला एकता मंच की कौशल्या ने कहा कि हेलंग गांव में महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार व उत्पीड़न की घटना उत्तराखंड की महिलाओं का अपमान है। अब यह लड़ाई केवल हेलंग गांव के लोगों की नहीं है बल्कि पूरे उत्तराखंड की बन चुकी है। संयुक्त किसान मोर्चा के ललित उप्रेती ने कहा कि महिलाएं सदियों से अपने जंगलों से चारा पत्ती व अपनी जरूरत की वस्तुएं लाती हैं। आज सरकार द्वारा उनके मौलिक अधिकारों पर रोक लगाई जा रही है।  हम महिलाओं पर अत्याचार सहन नहीं करेंगे

 

यह हमारे उत्तराखंड की महिलाओं की एक अस्तित्व का सवाल है। युवा एकता मंच के इन्द्र जीत ने कहा उत्तराखंड आंदोलन व चिपको आंदोलन मे महिलाओं की अहम भूमिका रही है वर्तमान सरकार  द्वारा आज  महिलाओं के साथ बदसलूकी की जा रही है। सरस्वती जोशी ने कहा उत्तराखंड की नदियों पर जल विद्युत परियोजनाएं लगाकर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। टीएचडीसी खेल का मैदान बनाने के नाम पर ग्रामीणों के हरे-भरे जंगलों व उनके गोचर को बर्बाद कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि अलकनंदा का पानी डायवर्ट करने के लिए  13.5 किलोमीटर लंबी टनल  खोदी जा रही है और उसे खोदने के लिए विस्फोटक इस्तेमाल किए जा रहे हैं। जिससे पर्यावरण को बेहद नुकसान हो रहा है।

 

इस कार्यक्रम में सरस्वती जोशी, साहिस्ता, आन्नदी देवी, नीमा देवी, माया देवी ,गंगा देवी ,गीता देवी, चन्द्रा देवी ,ममता देवी, महक ,पार्वती देवी, दया देवी, राजेंद्र, बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई। महिला एकता मंच की कौशल्या ने सभा के अंत में बताया कि 7 अगस्त को रामनगर में की विलेन की घटना को लेकर बड़ी संख्या में महिलाएं सहित पार्क से जुलूस निकालकर प्रदर्शन करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *