भू कानून पर जिसकी जोत उसका खेत – पूर्व विधायक

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 गोपेस्वर – (जितेन्द्र कठैत)  प्रकाश ट्रष्ट जिला बार एसिलोशिएसन, महिला मंच की ओर से रविबार को सशक्त भू कानून की आवश्यकता पर नन्दा देवी महिला लोक विकास समिति के चेयरमैन डॉ किरन पुरोहित जयदीप ने एक गोष्ठी आयोजित की जिसमें किरन पुरोहित ने भू कानून पर चर्चा शुरू की और यह जानकारी दी कि हम सभी को मिलकर इस पर सशक्त ड्राफ्ट तैयार करना होगा जिससे आने वाले समय मे हमारी जमीन, संस्कृति सभ्यता पर आंच न आये। बार एसोशिएसन के अध्यक्ष भरत सिंह रावत ने कहा कि भू कानून बनाने के लिए भू विशेषज्ञों की जिला स्तर पर एक कमेटी बने जिसमे राजस्व विभाग, वन विभाग, वन पंचायत व कानून सम्बंधित लोग होने चाहिए। पूर्व जिला पंचायत सदस्य उषा रावत ने कहा कि गाँव मे हो रहे कब्जे और भूमिहीनों को लेकर नियम तैयार किये जाने चाहिए। डॉ योगेश धस्माना ने यह जानकारी दी की भू कानून का ड्राफ्ट बनाया जाना आवश्यक है | कुँजा एक्ट के संज्ञान लिया जाना चाहिए ।इस गोष्ठी के मुख्य वक्ता पूर्व विधायक बद्री केदार विधानसभा के कुंवर सिंह नेगी  यह विचार रखा कि संविधान में सम्पति के अधिकार को ब्यवस्थित करना सरकार का कार्य है। 1931 में वन पंचायत का गठन हुआ 1911 में बनों का परिसीमन होने पर आंदोलन हुआ था । वन पंचायत को वन विभाग के पास जाने के बाद कमजोर हुई बन पंचायत, राजस्व विभाग को पूर्व की भाँती वन पंचायतों का संचालन करना चाहिए। वर्तमान में 4लाख हेक्टयर बंजर भूमि हैं जिसकी जोत उसका खेत की नीति पर विचार जरूरी है। तथा भू विशेषज्ञों की ओर से ड्राफ् तयार किया जाना चाहिए।  इस गोष्ठी में बार एशोसिएशन के सचिव संदीप सिंह, शिक्षाविद सुशीला सेमवाल, निजमुला वनपंचायत सरपँच जितेन्द्र कठैत, उत्तराखण्ड निर्माण राज्य आंदोलनकारी चंद्रकला विष्ट, मोहन पन्त, प्रमोद सेमवाल, मनोज रावत, राजा तिवारी, शान्ति प्रशाद भट्ट, आदि मौजूद रहे।

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