मुख्यमंत्री धामी ने जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों से किया संवाद, ग्रामीण विकास और मानसून तैयारियों पर दिया जोर
देहरादून।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन में राज्य के जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। बैठक का उद्देश्य प्रदेश के समग्र विकास, ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाने तथा मानसून के दौरान उत्पन्न होने वाली जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।
मुख्यमंत्री धामी ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे सरकार और जनता के बीच मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करते हुए विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान संभावित आपदाओं, भूस्खलन, जलभराव और सड़क बाधित होने जैसी समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं से शासन-प्रशासन को समय पर अवगत कराने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की विकास संबंधी आवश्यकताओं, स्थानीय समस्याओं और सुझावों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सभी सुझावों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा देते हुए कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
बैठक में ग्रामीण विकास को गति देने, पंचायतों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने तथा मानसून के दौरान जनसुविधाओं को सुचारु बनाए रखने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
