रुद्रपुर का व्यापारी डरा हुआ… शोरूम सुरक्षित नहीं, व्यापार मंडल बंटा हुआ

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रुद्रपुर का व्यापारी डरा हुआ… शोरूम सुरक्षित नहीं, व्यापार मंडल बंटा हुआ

रुद्रपुर के बाजारों में इन दिनों डर, नाराजगी और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि हाल ही में करीब 15 दिन पहले चार बड़े शोरूम में चोरी की वारदातें हुईं, लेकिन कहीं शटर नहीं टूटे, कहीं ताले नहीं टूटे… फिर भी चोर अंदर पहुंचे और लाखों रुपये की नकदी व सामान लेकर फरार हो गए।
इन घटनाओं ने बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारी समझ नहीं पा रहे कि आखिर चोर इतने शातिर तरीके से वारदातों को कैसे अंजाम दे रहे हैं। कई कारोबारी अब रातभर जागकर अपनी दुकानों की निगरानी करने को मजबूर हैं।
उधर मोबाइल मंत्र शोरूम में हुई चर्चित चोरी की घटना को भी काफी समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस अब तक उसका खुलासा नहीं कर पाई है। व्यापारियों का कहना है कि इससे पहले भी कई चोरी की घटनाएं हुईं, लेकिन अधिकतर मामलों में अपराधी पुलिस की पकड़ से बाहर ही रहे।
बाजार में यह चर्चा भी तेज है कि व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर महापौर विकास शर्मा ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की थी। बताया जाता है कि इसके बाद एसएसपी की ओर से निर्देश दिए गए कि बाजारों में रात के समय लगातार पीएसी और पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। देर रात पुलिस और पीएसी की मौजूदगी बाजारों में दिखाई भी दे रही है, लेकिन व्यापारी अब सिर्फ गश्त नहीं बल्कि चोरी की घटनाओं के खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच व्यापारियों की सबसे बड़ी संस्था व्यापार मंडल भी अब खुलकर दो गुटों में बंटा नजर आ रहा है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय जुनेजा हैं, जो कांग्रेस से जुड़े नेता माने जाते हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता संदीप राय व्यापार मंडल में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि भाजपा नेता मनोज छाबड़ा व्यापार मंडल के महामंत्री हैं।
राजनीतिक विचारधाराओं और अंदरूनी खींचतान ने अब व्यापार मंडल की एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। महामंत्री मनोज छाबड़ा का बयान — “मैं रील बनाता हूं, इनकी भी रेल बनाऊंगा” — बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे संगठन के भीतर की तल्खी खुलकर सामने आ गई है।
अब व्यापारी यह सवाल पूछ रहे हैं कि जब बाजार में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, कारोबार असुरक्षित है और व्यापार मंडल भी गुटों में बंटा हुआ है, तब उनकी लड़ाई आखिर कौन लड़ेगा?

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