
एसटीएफ का म्यूल अकाउंट सिंडिकेट पर बड़ा प्रहार, दो दिन में 4 मुकदमे दर्ज, 10 आरोपियों पर शिकंजा
देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले म्यूल अकाउंट सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो दिनों में चार मुकदमे दर्ज किए हैं। इस अभियान के तहत अब तक कुल छह मुकदमे दर्ज कर 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।
एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ है कि आर्थिक रूप से कमजोर और मजदूर वर्ग के लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए जा रहे थे। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में होने वाले डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, शेयर मार्केट फ्रॉड, ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड और टास्क फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों से ठगी गई रकम को ट्रांसफर और छिपाने के लिए किया जा रहा था।
एसटीएफ और साइबर क्राइम टीम ने एनसीआरपी पोर्टल, समन्वय पोर्टल, बैंकिंग रिकॉर्ड, केवाईसी दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और मनी ट्रेल एनालिसिस के आधार पर इस संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया कि बिहार, केरल, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों की रकम इन खातों में ट्रांसफर की जा रही थी।
सोमवार को थाना साइबर क्राइम देहरादून और कुमाऊं में तीन एफआईआर दर्ज कर चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। साथ ही उनके अन्य सहयोगियों की तलाश भी शुरू कर दी गई है।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी है कि जो लोग लालच या कमीशन के चक्कर में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा किसी अन्य को उपलब्ध कराते हैं, उनके खिलाफ भी मुख्य अपराधियों की तरह सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के बहकावे या लालच में आकर अपने बैंकिंग दस्तावेज और सुविधाएं किसी के साथ साझा न करें, अन्यथा साइबर अपराध में शामिल पाए जाने पर गंभीर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
