हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र की विकास समीक्षा बैठक: जलभराव, ड्रेनेज और सड़कों को लेकर उठे अहम मुद्दे अधिकारियों को दिए गए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश, हर जिले में दो ‘आदर्श गांव’ विकसित होंगे

देहरादून सचिवालय में हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभाओं के विकास कार्यों, घोषणाओं और अन्य लंबित परियोजनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित विधायकगणों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं और विकास संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

बैठक के दौरान खासतौर पर हरिद्वार में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जलनिकासी को लेकर एक विस्तृत कार्य योजना बनाई जाए जिससे बरसात के दौरान आम जनता को राहत मिल सके।

इसके साथ ही कांवड़ यात्रा के दौरान जनसामान्य की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था, शहरी क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत बनाने और पार्कों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
बरसात के बाद सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा एम्स ऋषिकेश और प्रस्तावित किच्छा सेटेलाइट सेंटर के कार्यों में तेजी लाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया।
प्रदेश के हर जनपद में दो-दो गांवों को ‘आदर्श गांव’ के रूप में विकसित करने की भी घोषणा की गई। सरकार का उद्देश्य इन गांवों को बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित कर अन्य गांवों के लिए उदाहरण बनाना है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “हमारी सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी परियोजनाओं पर समयबद्ध तरीके से काम हो, इसके लिए प्रशासनिक मशीनरी पूरी तत्परता से कार्य करे
